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सरकार ने 31 मार्च तक ही कोरोना वायरस से बचने के लिए सब कुछ बंद क्यों किया है ?

कोरोना वायरस का संक्रमण भारत में दूसरों देशों द्वारा पहुंचा है अभी तक हमारा देश कोरोना वायरस के संक्रमण से केवल दूसरे चरण तक ही पहुंचा है।

जिसमें कि यह वायरस किसी संक्रमित व्यक्ति द्वारा दूसरे व्यक्ति तक पहुंचा है इसलिए हमारे देश में अब दूसरे देशों से आने वाले लोगों को पूरा चेक किया जा रहा है ऐसे लोगों को आइसोलेशन वार्ड में रखकर टेस्ट किए जा रहे हैं यदि पॉजिटिव नहीं पाए जाते हैं तो उन्हें 14 दिन तक खुद को अपने घर में सीमित रहने को कहा गया है और कुछ भी लक्षण आने पर हेल्पलाइन पर संपर्क करने को कहा गया।

सरकार द्वारा विदेश से आए लोगों पर इस तरह का चेक 14 मार्च पूरी सतर्कता के साथ आरंभ किया गया सरकार द्वारा दिए गए इस कदम से कोरोना वायरस का संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक फैलने से कुछ हद तक रोका जा सकता है

क्योंकि इस वायरस से फैलने वाले संक्रमण का अभी तक कोई इलाज नहीं ढूंढा जा सका है कि संक्रमण को फैलने से बचाना रोकथाम ,सतर्कता और सावधानी हमारे बस में है जिसके लिए हम बार-बार जागरूक किया जा रहा है।

यदि कोरोना वायरस से संक्रमित लोग खासकर जो बाहर से आए हैं उनको आइसोलेशन वार्ड में रख कर लोगों से मिलने जुलने से रोक दिया जाता है तो यह संक्रमण दूसरे चरण से तीसरे चरण में फैलने से भी रोका जा सकेगा भारत इस महामारी से पूरी तरह सुरक्षित रह सकेगा लेकिन अब आप सोच रहे होंगे कि भारत सरकार ने 31 मार्च तक ही सतर्कता बरतने को क्यों कहा है।

30 मार्च तक सतर्क और सावधानी बरतने का सरकार ने फैसला इसलिए लिया है क्योंकि कोरोना वायरस के संक्रमण का पता लगते ही यदि कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति को सही इलाज मिल जाए और वह अपने संक्रमण को दूसरे व्यक्तियों तक ना पहुंचाए तो काफी हद तक इस संक्रमण से छुटकारा पाया जा सकता है।

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